रतनपुर तहसील में एसीबी का बड़ा धमाका: 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया पटवारी
रतनपुर से संतोष सोनी चिट्टू
रतनपुर। बिलासपुर जिले की रतनपुर तहसील में गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने लालपुर हल्का के पटवारी भानु चंद्राकर को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई से तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने एसीबी बिलासपुर से शिकायत की थी कि उन्होंने करीब एक वर्ष पहले अपनी लालपुर स्थित जमीन के नक्शा बटांकन के लिए तहसीलदार रतनपुर के समक्ष आवेदन दिया था। तहसीलदार द्वारा प्रकरण पटवारी भानु चंद्राकर को सौंपा गया, लेकिन पटवारी ने काम करने के एवज में 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने इसकी शिकायत एसीबी से कर दी। एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। सत्यापन के दौरान मोलभाव के बाद पटवारी 25 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया।
इसके बाद एसीबी ने जाल बिछाया। गुरुवार 25 जून को पटवारी ने शिकायतकर्ता को तहसील कार्यालय रतनपुर बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 25 हजार रुपये की रिश्वत पटवारी को दी, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई।
एसीबी ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद रतनपुर तहसील सहित राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डीएसपी एसीबी बिलासपुर ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी या अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें।
रतनपुर में एसीबी की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रिश्वतखोरी पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है और भ्रष्टाचार करने वालों की अब खैर नहीं।

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