रतनपुर से संतोष सोनी चिट्टू
रतनपुर/कोटा (बिलासपुर, छत्तीसगढ़)।
शासकीय राशि के गबन के एक बड़े मामले में कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के फरार कर्मचारी देवेंद्र कुमार पालके को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में करीब 29.62 लाख रुपये की शासकीय राशि के गबन का खुलासा हुआ है, जिससे पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी नरेंद्र प्रसाद मिश्रा की रिपोर्ट पर थाना कोटा में आरोपी नवल सिंह पैकरा (लेखपाल/सहायक ग्रेड-02) और देवेंद्र कुमार पालके के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर सितंबर 2024 से नवंबर 2025 के बीच फर्जी वेतन आहरण कर कुल 29,62,222 रुपये का गबन किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल की मदद से लगातार लोकेशन ट्रैकिंग और दबिश के बाद आखिरकार देवेंद्र कुमार पालके को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरा आरोपी नवल सिंह पैकरा अब भी फरार है।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नरेश चौहान, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव और आरक्षक धर्मेंद्र साहू की अहम भूमिका रही।
जिला शिक्षा अधिकारी पर उठे बड़े सवाल
इतने बड़े स्तर पर शासकीय राशि का गबन होना सीधे तौर पर जिला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर कैसे महीनों तक फर्जी वेतन आहरण होता रहा और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी?
सूत्रों का कहना है कि विभागीय निगरानी पूरी तरह ढीली पड़ चुकी है, जिसका फायदा उठाकर कर्मचारियों ने लाखों का घोटाला कर दिया। अब सवाल यह है कि क्या जिला शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेंगे, या फिर कार्रवाई केवल निचले कर्मचारियों तक ही सीमित रहेगी?
आगे क्या?
फरार आरोपी की तलाश जारी
विभागीय जांच की संभावना तेज
अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी आ सकती है सामने
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