एक माह पूर्व मिली अधजली लाश के रहस्य से पर्दा, दोनों आरोपी गिरफ्तार**
रतनपुर से संतोष सोनी चिट्टू
रतनपुर/बिलासपुर। होटल ग्रैण्ड लोटस, तिफरा के पीछे झाड़ियों में लगभग एक माह पूर्व मिली अधजली लाश के सनसनीखेज मामले का सिरगिटटी पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। तकनीकी साक्ष्य, टावर डंप, गहन पूछताछ और मानव खुफिया तंत्र (Human Intelligence) के प्रभावी उपयोग से पुलिस ने न केवल मृतक की पहचान की, बल्कि हत्या के दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे तक पहुँचाया है।
घटना का पृष्ठभूमि — 07 नवंबर को मिली थी अधजली लाश
7 नवंबर 2025 को ग्रैण्ड लोटस होटल के पीछे घनी झाड़ियों के बीच एक अज्ञात पुरुष का अधजला शव मिला था। घटना बेहद संदिग्ध होने पर पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर शव की पहचान हेतु राज्यभर के थाना क्षेत्रों में इश्तहार जारी किए।
– गुम इंसान रिपोर्टों से मिलान
– टावर डंप का तकनीकी विश्लेषण
– मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग
इन सभी प्रयासों के बाद मृतक की पहचान गोपाल पिता मुन्ना कोल (26 वर्ष), निवासी सेमिया नेवारी थाना जुगैल जिला सोनभद्र, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई।
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विशेष जांच टीम गठित, कई थानों की संयुक्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह के निर्देशन में बहु-थाना संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें
थाना सिरगिटटी, सिविल लाइन, सरकंडा, तारबाहर, ACCU और साइबर सेल की टीमें शामिल थीं।
टीम ने—
– आसपास के CCTV फुटेज की पुनः समीक्षा
– स्थानीय लोगों से पूछताछ
– संदिग्ध गतिविधियों की मैपिंग
– मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया
इस बारीक और पेशेवर जांच ने आरोपियों तक पहुँचने का रास्ता साफ किया।
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कैसे हुई हत्या — शराब के दौरान विवाद बना मौत की वजह
जांच में सामने आया कि मृतक गोपाल होटल ग्रैण्ड लोटस के पीछे सब्ज़ी मंडी रोड से लगे स्थान पर शराब पी रहा था। इसी दौरान दोनों आरोपी भी वहाँ शराब पीने पहुंचे।
आरोपी —
1. अरुण दास मानिकपुरी (30 वर्ष) निवासी अभिलाषा परिसर तिफरा
2. धनेश लोधी उर्फ राजू (34 वर्ष) निवासी यातायात नगर वार्ड 08 तिफरा
शराब सेवन के बीच मृतक और आरोपी धनेश के बीच कहासुनी बढ़ी, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर मृतक की बेरहमी से पिटाई की।
पास में पड़े पत्थर से सिर पर हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
साजिश को छुपाने के लिए आरोपियों ने शव और कपड़ों को आग लगाकर पहचान मिटाने की कोशिश की।
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पुलिस की पेशेवर दक्षता — दिनों तक नजर रखकर पकड़े गए आरोपी
शव की पहचान से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक की पूरी प्रक्रिया पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण थी।
थाना प्रभारी किशोर केवट और सीएसपी सिविल लाइन निमितेश परिहार के नेतृत्व में टीम ने—
– कई संदिग्धों पर लगातार नजर रखी
– तकनीकी व मैनुअल इंटेलिजेंस को जोड़ा
– पूछताछ के सिलसिले में तार जोड़े
आखिरकार दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और गहन पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
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एसएसपी रजनेश सिंह ने की टीम की सराहना, घोषणा की नगद इनाम
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि—
“बिलासपुर पुलिस के जवानों ने अत्यंत पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन किया है। जली हुई डेड बॉडी की पहचान से लेकर मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपियों तक पहुँचना बेहद चुनौतीपूर्ण था। टीम ने सराहनीय कार्य किया है, इन्हें मैं बधाई देता हूँ और नगद इनाम प्रदान करता हूँ।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि भविष्य में अन्य जटिल मामलों में भी इसी सक्रियता व समन्वय के साथ जांच की जाए ताकि जनता को त्वरित न्याय मिल सके।
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अंतिम निष्कर्ष
सिरगिटटी पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक पेचीदा हत्या कांड का खुलासा है, बल्कि यह भी साबित करती है कि तकनीकी व मानव खुफिया तंत्र के संयोजन से किसी भी गुत्थी को सुलझाया जा सकता है। पुलिस की यह उपलब्धि बिलासपुर पुलिस की दक्षता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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