साय सरकार की धान खरीदी नीति अस्पष्ट — विधानसभा में करेंगे सरकार का घेराव: अटल श्रीवास्तव
रतनपुर उपार्जन केंद्र में किसान जन चौपाल में उफना किसान आक्रोश, टोकन—रकबा—सर्वर समस्या पर बरसी शिकायतें
रतनपुर। धान उपार्जन केंद्र रतनपुर में गुरुवार को कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने किसान जन चौपाल आयोजित कर किसानों की समस्याओं को सुना। किसानों का दर्द इतना गहरा था कि कई मुद्दों पर चौपाल में ही अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देने पड़े। चौपाल में तहसीलदार शिल्पा भगत, पटवारी दिलीप परस्ते, जिला सहकारी बैंक मैनेजर, मंडी प्रबंधक राकेश श्रीवास, रवि चित्रकार सहित तमाम संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
किसानों की प्रमुख शिकायतें—एग्रिस्टेक में गड़बड़ी, रकबा कम, और 70% टोकन ऑनलाइन की मजबूरी
किसानों ने खुलकर बताया कि—
- एग्रिस्टेक पंजीयन में भारी गड़बड़ी, कई किसानों का रकबा मनमाने ढंग से घटा दिया गया।
- 70% टोकन ऑनलाइन कटने की बाध्यता ने किसानों को जूझने पर मजबूर किया है।
- सर्वर की बार-बार क्रैश होने से किसानों को टोकन मिल ही नहीं पा रहा।
- रतनपुर उपार्जन केंद्र 256 में कांग्रेस शासनकाल में जहां 2300 क्विंटल प्रतिदिन खरीदी होती थी,
वहीं साय सरकार आने के बाद इसे घटाकर मात्र 1100 क्विंटल कर दिया गया है।
किसानों का आरोप—यह जानबूझकर की गई कटौती है।
“सरकार किसान का धान खरीदना ही नहीं चाहती”—अटल का बड़ा हमला
विधायक अटल श्रीवास्तव ने चौपाल में सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा—
“साय सरकार की धान खरीदी नीति पूरी तरह अस्पष्ट है।
किसान को टोकन, रकबा और तकनीकी झंझटों में फंसा कर परेशान किया जा रहा है।
विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार का घेराव किया जाएगा।”
उन्होंने महासमुंद की उस घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें टोकन न मिलने से व्यथित एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास किया था।
अटल बोले—
“यह सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई है।
हम कांग्रेसजन संकल्प लेते हैं कि रतनपुर से लेकर पूरे जिले तक किसी किसान को आत्महत्या जैसे कदम उठाने नहीं देंगे।”
समितियों को सक्रिय मोड—अटल बोले: ‘किसानों की समस्या पर मेरी खास निगरानी’
कांग्रेस ने सभी उपार्जन केंद्रों में निगरानी समितियाँ तैनात की हैं, जिनका उद्देश्य है—
- किसानों की शिकायतें सुनना
- संबंधित विभाग को तुरंत निराकरण भेजना
- अव्यवस्था, रकबा समस्या, टोकन गड़बड़ी की रिपोर्ट देना
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि उनके संज्ञान में आने वाले किसी भी मामले में वह तुरंत कार्यवाही करा रहे हैं।
तहसीलदार ने मौके पर ही कई समस्याएँ सुलझाईं—किसानों में दौड़ी खुशी
चौपाल के दौरान कई किसानों ने मिट्टी परीक्षण, रकबा सुधार, पंजीयन त्रुटि जैसी समस्याएं सामने रखीं।
तहसीलदार शिल्पा भगत ने मौके पर कई मामलों में तुरंत सुधार कराया।
कुछ मामलों में उन्होंने रिमार्क भेजकर उच्च स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी।
किसानों के चेहरों पर राहत दिखी।
चौपाल में बड़ी संख्या में पहुंचे किसान और जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
शीतल जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, सुभाष अग्रवाल, शिवा पांडे, मदन कहर, रामगोपाल कहर, जितेंद्र चंदेल, पार्षद पुष्पकांत कश्यप, संतोष सोनी चिट्टू,रियाज़ खोखर, सावन यादव, संजीव जायसवाल, सैफ अली, विमल सोनी, संतोष सोनी, कुलदीप दुबे,रखी अनुरागी,
अटल की गरज—धान का एक-एक दाना खरीदे सरकार, नहीं तो विरोध तेज होगा
अटल श्रीवास्तव ने स्पष्ट कहा—
“रतनपुर समिति में व्यवस्था पर्याप्त है, लेकिन सरकार के जटिल नियमों से किसान त्रस्त हैं।
विधानसभा में इस सरकार को जवाब देना ही होगा।
किसानों की मेहनत का एक-एक दाना खरीदा जाए—यह हमारी मांग है, और इस हेतु संघर्ष जारी रहेगा।
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