तहसील के साए में काला कारोबार!मा तारा कोल डिपो—सिर्फ 200 मीटर दूर, फिर भी प्रशासन बेखबर?

 तहसील के साए में काला कारोबार!
मा तारा कोल डिपो—सिर्फ 200 मीटर दूर, फिर भी प्रशासन बेखबर? 


रतनपुर से संतोष सोनी चिट्टू 

रतनपुर।
मा तारा कोल डिपो की सबसे चौंकाने वाली सच्चाई यह है कि यह तहसील कार्यालय से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद यहां मिलावटी कोयले का खेल खुलेआम जारी है। सवाल यह है कि जब यह सब कुछ प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं?


200 मीटर का फासला और किलोमीटरों की चुप्पी
जहां तहसील कार्यालय से हर गतिविधि पर नजर रखी जानी चाहिए, वहीं

  • कोयले से भरे ट्रक शहर के अंदर से गुजरते हैं
  • बिना किसी रोक-टोक के डिपो में खाली होते हैं
  • और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं

माइनिंग से लेकर थाना—सब गोलमोल

माइनिंग विभाग से संपर्क करने पर फोन नहीं उठता,
थाने में जानकारी मांगने पर सिर्फ कार्रवाई का आश्वासन
क्या यह संयोग है या फिर किसी बड़े खेल की ओर इशारा?

जनता पूछ रही है सवाल

  • क्या तहसील के इतने नजदीक होने के बावजूद अवैध गतिविधि दिखाई नहीं देती?
  • क्या मिलीभगत के बिना ऐसा संभव है?
  • या फिर कार्रवाई से पहले किसी “इशारे” का इंतजार है?

प्रदूषण, खतरा और कानून की धज्जियां
कोयले की धूल से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है,
भारी ट्रकों से शहर की सड़कों पर खतरा बढ़ रहा है,
और नियम-कानून सिर्फ कागजों तक सिमटते नजर आ रहे हैं।

अब जवाब चाहिए, आश्वासन नहीं
तहसील कार्यालय के इतने पास चल रहा यह काला कारोबार
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करता है।

रतनपुर की जनता जानना चाहती है—
जब अवैध धंधा 200 मीटर दूर है, तो कार्रवाई इतनी दूर क्यों?

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