जनता सड़क के गड्ढों में फंसी, शिकायतें तहसीलदार तक पहुंचीं… फिर भाजपा के जनप्रतिनिधि आखिर चुप क्यों?”
रतनपुर से संतोष सोनी चिट्टू
जल आवर्धन योजना बनी मुसीबत! सड़कें खोदकर छोड़ दीं, गड्ढों में भरा पानी—तहसीलदार के दरबार पहुंची शिकायत
रतनपुर। शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा देने के लिए शुरू की गई जल आवर्धन योजना अब सुविधा से ज्यादा मुसीबत का सबब बनती नजर आ रही है। पाइपलाइन विस्तार के नाम पर शहर के कई वार्डों में सड़कों को जगह-जगह खोद दिया गया है। बरसात में यही गड्ढे पानी और कीचड़ से लबालब हैं, जिससे आम लोगों का सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक साथ कई वार्डों में सड़कें खोदने के बाद उन्हें व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त क्यों नहीं किया जा रहा? स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि योजना शुरू होने के बाद से ही ठेकेदार एजेंसी के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई महज खानापूर्ति तक सीमित रही।
बताया जा रहा है कि जल आवर्धन योजना का कार्य रायपुर की मनीष पाइप्स को दिया गया है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि कई स्थानों पर बेतरतीब तरीके से खुदाई की गई और पाइपलाइन बिछाने के दौरान आवश्यक लेवलिंग पर भी ध्यान नहीं दिया गया। हालात यह हैं कि वार्ड क्रमांक 8 में लोगों की परेशानी चरम पर पहुंच गई है।
गड्ढों में सड़क या सड़क में गड्ढे?
वार्ड क्रमांक 8 की स्थिति को लेकर पार्षद एवं नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष पुष्पकांत कश्यप ने अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ तहसीलदार से लिखित शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार और उसके अधिकारी-कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते। सीएम हेल्पलाइन, संबंधित विभाग और कलेक्टर स्तर तक शिकायतें करने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
पुष्पकांत कश्यप ने कहा कि वार्ड में यदि किसी व्यक्ति के घर अचानक आपात स्थिति बन जाए तो एंबुलेंस के पहुंचने तक के लिए सड़क नहीं बची है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो इन्हीं गड्ढों के बीच आमरण अनशन पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
“पहले एक वार्ड पूरा करो, फिर दूसरे में जाओ”
पार्षद सुनील अग्रवाल संटी ने कहा कि ठेकेदार को कई बार समझाइश दी गई कि एक वार्ड का काम पूरा करने के बाद ही दूसरे वार्ड में काम शुरू किया जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी न उठानी पड़े। इसके बावजूद काम मनमाने तरीके से जारी है और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
वहीं विधायक प्रतिनिधि रियाज अहमद खोखर ने कहा कि जल आवर्धन योजना शहर के लिए अच्छी और जरूरी योजना है, लेकिन ठेकेदार की कार्यप्रणाली ने पूरी योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ठेकेदार को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है।
सीएमओ की भूमिका पर भी उठे सवाल
जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिकायत करने पर उन्हें स्पष्ट कार्रवाई के बजाय गोलमोल जवाब दिए जाते हैं और ठेकेदार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
तहसीलदार ने दिए तत्काल सुधार के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने तत्काल मुख्य नगर पालिका अधिकारी को काम को सही तरीके से करवाकर इसकी सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
अब देखना होगा कि तहसीलदार के निर्देश के बाद जल आवर्धन योजना के काम में वास्तव में सुधार आता है या फिर गड्ढे, कीचड़ और परेशानियां ही रतनपुरवासियों की किस्मत बनी रहेंगी। फिलहाल शहरवासियों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।


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