अमृत मिशन 2.0 बना आफत: शहर की सड़कें खुदीं, हादसों का सिलसिला तेज

अमृत मिशन 2.0 बना आफत: शहर की सड़कें खुदीं, हादसों का सिलसिला तेज”

रतनपुर से संतोष सोनी चिट्टू 

रतनपुर नगर पालिका क्षेत्र में जल जीवन अमृत मिशन 2.0 के तहत चल रहे कार्य अब जनता के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बनते जा रहे हैं। ठेकेदार की लापरवाही और अमानक निर्माण ने पूरे शहर को गड्ढों में बदल दिया है—और हर दिन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है।
78 करोड़ का ठेका, लेकिन काम बेहाल
जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 14 जनवरी 2025 को मनीष पाइप्स को करीब 78 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था। उद्देश्य था शहर में बेहतर जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार करना, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
 तीन फीट गहरे गड्ढे, बीच सड़क में खतरा
शहर के लगभग हर वार्ड में सड़कों को बीचों-बीच करीब 3 फीट चौड़ा और गहरा खोद दिया गया है, जिससे:
 आवागमन पूरी तरह बाधित
एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं में देरी
 रोज छोटे-बड़े हादसे
लोगों का कहना है कि कई जगहों पर खुदाई के बाद मरम्मत तक नहीं की जा रही, जिससे हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
 अप्रशिक्षित मजदूर, मनमानी चरम पर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि:
बिना प्रशिक्षित मजदूरों से काम कराया जा रहा है
सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी
रात में कोई चेतावनी संकेत या बैरिकेडिंग नहीं
 घरों की पाइपलाइन भी तोड़ी जा रही
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि:
घरों की निकासी पाइपलाइन तोड़ी जा रही है
नालियों और पानी की व्यवस्था अस्त-व्यस्त
लोगों को खुद मरम्मत कराने पर मजबूर होना पड़ रहा है
 नगरपालिका की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे मामले में नगर पालिका के अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी मौन बने हुए हैं।
लोग पूछ रहे हैं—
 क्या ठेकेदार को खुली छूट दे दी गई है?
 क्या जनता की सुरक्षा अब किसी की प्राथमिकता नहीं रही?
 जनता की मांग
सभी वार्डों में तत्काल सड़क मरम्मत
जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई
सुरक्षित और मानक के अनुसार कार्य
अब सवाल सीधा है:
“अमृत मिशन” का काम कब जनता के लिए अमृत बनेगा और कब तक यह आफत बना रहेगा?”

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